Tuesday, December 25, 2018

سوريا: ماذا بعد إعلان ترامب سحب القوات الأمريكية؟

وقال ترامب إن القوات الأمريكية نجحت في هزيمة تنظيم "الدولة الإسلامية"، ولم تعد هناك حاجة لبقائها في سوريا.
وأثار قرار الرئيس الأمريكي ردود فعل داخلية، كان أبرزها إعلان وزير الدفاع الأمريكي، جيمس ماتيس، استقالته من مهام منصبه.
وعلل الجنرال ماتيس استقالته في رسالة إلى الرئيس الأمريكي قائلا: "لأن لديك الحق في أن يكون لديك وزير دفاع تتماشى رؤيته بشكل أفضل مع رؤيتك".
وأشار ماتيس في رسالة استقالته إلى وجهة نظره حول "ضرورة معاملة الحلفاء باحترام وإدراك بواعث الخطر والمنافسين الاستراتيجيين".
وفي الاتجاه ذاته، انتقد السناتور الجمهوري ليندسي غراهام، أحد أنصار ترامب، قرار الانسحاب واصفا إياه بأنه "خطأ كبير يشبه أخطاء أوباما".
وحث غراهام الرئيس الأمريكي على "الاستماع إلى نصيحة عسكرية صحيحة عندما يتعلق الأمر بالانسحاب من سوريا ومكافحة تنظيم الدولة الإسلامية"، مضيفا أن الانسحاب من سوريا هدف مشترك لكن "متى وكيف".
وعلى جانب الحلفاء، لم تنتقد الحكومة البريطانية قرار الانسحاب صراحة، لكنها قالت إن "تنظيم "الدولة الإسلامية" ما زال يشكل تهديدا على الرغم من التقدم المهم الذي تم إحرازه في الأيام الأخيرة.
وانتقدت قوات سوريا الديمقراطية، الحليف السوري الأبرز للولايات الأمريكية في حربها ضد تنظيم "الدولة الإسلامية"، قرار الانسحاب الأمريكي، في بيان قالت فيه إن القرار "سيؤثر سلبا على حملة مكافحة الإرهاب، وسيعطي للإرهاب وداعميه ومؤيديه زخما سياسيا وميدانيا وعسكريا للانتعاش مجددا، للقيام بحملة إرهابية معاكسة في المنطقة".
وأضاف البيان أن "معركة مكافحة الإرهاب لم تنته بعد، ولم يتم بعد إلحاق الهزيمة النهائية به، بل هي في مرحلة حاسمة ومصيرية تتطلب تضافر الجهود من قِبل الجميع ودعما أكبر من التحالف الدولي للاستمرار فيها، وزيادة في الدعم بكافة الأشكال للقوات المقاتلة على الأرض، وليس الانسحاب منها".
وترى تركيا في قوات سوريا الديمقراطية، التي يغلب على تركيبتها المكون الكردي، خطرا عليها وامتدادا لتنظيمات كردية تراها أنقرة "إرهابية". وهددت تركيا، قبل قرار الانسحاب الأمريكي، بشن حملة على مدينة "منبج" السورية لطرد عناصر قوات سوريا الديمقراطية منها.
في المقابل، رحبت موسكو بقرار الانسحاب واصفة إياه بالخطوة الصحيحة وأنه "يفتح آفاقا للتسوية السياسية في سوريا". لكن موسكو أثارت شكوكا حول الجدية الأمريكية، مشيرة إلى أن الولايات المتحدة أعربت منذ سنوات عن نيتها الانسحاب من أفغانستان لكنها مازالت موجودة حتى الآن.
وكان النظام السوري قد طالب مرارا بضرورة خروج القوات الأجنبية الموجودة على الأراضي السورية بشكل غير شرعي ودون موافقة الحكومة السورية، مؤكدا أن هذا الوجود "عدوان موصوف واحتلال ينتهك ميثاق ومبادئ الامم المتحدة".
كما دعت الحكومة السورية الأمم المتحدة ومجلس الأمن الدولي إلى إدانة ما وصفتها "الجرائم التي يرتكبها تحالف واشنطن بحق المدنيين في مناطق شمال شرق سوريا".

Wednesday, November 21, 2018

عائلته: الإمارات تقضي بالسجن المؤبد بحق البريطاني ماثيو هيجز بتهمة التجسس

دبي، الإمارات العربية المتحدة ( )—قالت نيكيتا بيرناردي، المتحدثة باسم عائلة هيدجز، الأربعاء، إن القضاء الإماراتي أصدر حكمه بالسجن المؤبد على البريطاني ماثيو هيدجز، بتهمة التجسس داخل البلاد.
من جهته قال وزير الخارجية البريطاني، جيريمي هنت، في بيان وصل  نسخة منه: "أشعر بصدمة كبيرة وبخيبة أمل لسماع الحكم الصادر اليوم. لقد أثرت شخصيا قضية ماثيو هيدجيز على أعلى المستويات في الحكومة الإماراتية، بما في ذلك خلال زيارتي إلى أبو ظبي يوم 12 نوفمبر. وقد تحدثت حينها مع ولي العهد الأمير محمد بن زايد ووزير الخارجية عبد الله بن زايد".
وتابع قائلا: "لكن الحكم الصادر اليوم ليس ما نتوقعه من شريك صديق وموثوق للمملكة المتحدة، ويتعارض مع الضمانات التي أعطيت سابقا.. مسؤولونا القنصليون على اتصال وثيق مع ماثيو هيدجيز وعائلته. وسوف نواصل بذل كل المستطاع لمساعدته".
واردف الوزير البريطاني: "قد أوضحت مرارا وتكرارا بأن تعامل السلطات الإماراتية فيما يتعلق بهذه القضية ستكون له تداعيات على العلاقات بين بلدينا، وهي علاقات يجب أن تُبنى على الثقة. من المؤسف أننا وصلنا إلى هذا الوضع، وإنني أهيب بالإمارات إعادة النظر بالحكم".
جاء ذلك في تصريحات للوزير الكندية، الأربعاء، بعد تصريحات الرئيس الأمريكي حول قضية خاشقجي، حيث قالت وفقا لما نقلته هيئة الإذاعة الكندية  : "موقف كندا واضح جدا بأن هؤلاء المسؤولون عن هذا القتل الوحشي يجب أن يتحملوا كامل المسؤولية عن هذا العمل".
وأضافت: "كندا لا تعتبر قضية خاشقجي قضية مغلقة،" معبرة عن توقعها بأن تكون هذه القضية محض نقاش بين الزعماء المشاركين في قمة الـ20 في الارجنتين مطلع ديسمبر/ كانون الأول المقبل.
ويذكر أن الرئيس الأمريكي قال في تصريحات، الثلاثاء: " الجريمة ضد جمال خاشقجي كانت رهيبة، وهي جريمة لا تتغاضى بلادنا عنها. في الواقع، لقد اتخذنا إجراءات قوية ضد أولئك الذين سبق أن عُرف أنهم شاركوا في القتل. بعد بحث مستقل كبير، نعرف الآن الكثير من التفاصيل عن هذه الجريمة الرهيبة. لقد فرضنا بالفعل عقوبات على 17 سعوديًا معروفًا بتورطهم في قتل السيد خاشقجي، والتخلص من جثته.."
وأضاف: "يقول ممثلو المملكة العربية السعودية أن جمال خاشقجي كان "عدوا للدولة" وعضواً في جماعة الإخوان المسلمين، لكن قراري لا يستند بأي حال على هذا، إنها جريمة غير مقبولة وفظيعة. وينفي الملك سلمان وولي العهد الأمير محمد بن سلمان بشدة أي علم بالتخطيط أو تنفيذ جريمة قتل السيد خاشقجي. تواصل وكالاتنا الاستخباراتية تقييم جميع المعلومات، لكن من المحتمل جدا أن يكون ولي العهد على علم بهذا الحدث المأساوي، ربما كان وربما لم يكن!"
وأوضحت المصادر في تصريحات  أن تقييم  لا يقدم نتيجة نهائية للمعلومات الاستخباراتية التي جمعت حول مقتل خاشقجي، رغم أن المعلومات والتقييم يعد "عالي الثقة".
مصدر بالإدارة الأمريكية قال  إن التقييم قدم للبيت الأبيض على "صورة مادية" (على شكل ملف ملموس) ويتضمن كل المعلومات الاستخباراتية التي جمعت حتى الآن حول القضية، ولكنه لم يتضمن "نتيجة نهائية".
ويذكر أن الرئيس الأمريكي قال في تصريحات، الثلاثاء: " الجريمة ضد جمال خاشقجي كانت رهيبة، وهي جريمة لا تتغاضى بلادنا عنها. في الواقع، لقد اتخذنا إجراءات قوية ضد أولئك الذين سبق أن عُرف أنهم شاركوا في القتل. بعد بحث مستقل كبير، نعرف الآن الكثير من التفاصيل عن هذه الجريمة الرهيبة. لقد فرضنا بالفعل عقوبات على 17 سعوديًا معروفًا بتورطهم في قتل السيد خاشقجي، والتخلص من جثته.."
وأضاف: "يقول ممثلو المملكة العربية السعودية أن جمال خاشقجي كان "عدوا للدولة" وعضواً في جماعة الإخوان المسلمين، لكن قراري لا يستند بأي حال على هذا، إنها جريمة غير مقبولة وفظيعة. وينفي الملك سلمان وولي العهد الأمير محمد بن سلمان بشدة أي علم بالتخطيط أو تنفيذ جريمة قتل السيد خاشقجي. تواصل وكالاتنا الاستخباراتية تقييم جميع المعلومات، لكن من المحتمل جدا أن يكون ولي العهد على علم بهذا الحدث المأساوي، ربما كان وربما لم يكن!"

Wednesday, October 3, 2018

रियलिटी चेक: अमरीका की मर्ज़ी के ख़िलाफ़ कौन है ईरान के साथ

अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के एक संबोधन में कहा है कि दुनिया के सभी देश ईरान से संबंध तोड़ दें.
अमरीका ने ईरान पर एक बार फिर कठिन आर्थिक प्रतिबंधों को लगाते हुए कहा कि जब तक ईरान अपने आक्रामक रुख में परिवर्तन नहीं करेगा तब तक ये प्रतिबंध जारी रहेंगे.
अमरीका इस साल की शुरुआत में ईरान समेत छह देशों के बीच हुई परमाणु संधि से बाहर निकल आया था.
लेकिन इस समझौते में शामिल दूसरे देश अब भी ईरान के साथ आर्थिक संबंधों को बरकरार रखते हुए इस समझौते को ज़िंदा रखने की कोशिशें कर रहे हैं.
ऐसे में जो कंपनियां ईरान के साथ अभी भी काम करने की इच्छुक हैं उनके सामने दो विकल्प हैं- पहला विकल्प ये है कि ईरान में व्यापार के बदले अमरीकी प्रतिबंधों का उल्लंघन करने की वजह से गंभीर जुर्माने का जोख़िम उठाया जाए.
दूसरा विकल्प ये है कि ईरान जैसे उभरते हुए संभावनाओं वाले बाज़ार से बाहर निकलकर वहां व्यापार करने से होने वाले संभावित लाभ से मुंह मोड़ लिया जाए.
ऐसे में सवाल ये उठता है कि इस सबके बाद ईरान के साथ व्यापार कौन कर रहा है और कौन नहीं?रान और छह विश्व शक्तियों के बीच साल 2015 में परमाणु समझौता हुआ था. इस समझौते में अमरीका, रूस, चीन, ब्रिटेन, फ़्रांस और जर्मनी शामिल थे.
समझौते के बाद इन देशों ने तेल, व्यापार और बैंकिंग क्षेत्रों के साथ-साथ पिस्ता और कालीन जैसे सामानों पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को हटा दिया था.
इसके बदले में, ईरान अपनी परमाणु गतिविधियों को सीमित करने पर सहमत हो गया.
ईरान दुनिया के सबसे बड़े तेल निर्यातकों में से एक है. इसलिए ये प्रतिबंध हटने से ईरान की अर्थव्यवस्था को एक अच्छी बढ़त मिली.
इसके बाद अलग-अलग औद्योगिक क्षेत्रों ने ईरान के साथ व्यापारिक चैनलों को फिर से खोल दिया.
इनमें स्वास्थ्य सेवा देने वाली विदेशी कंपनियां, कार निर्माता, वित्तीय सेवा देने वाली कंपनियां और विमानन कंपनियों ने ईरान में अवसरों की खोज शुरू कर दी.
इनमें जर्मनी की फोक्सवैगन और फ़्रांस की रेनॉल्ट जैसी कंपनी शामिल थी.
ऊर्जा क्षेत्र की एक बड़ी फ़्रांसीसी कंपनी टोटल ने ईरान के तेल क्षेत्र को विकसित करने के लिए अरबों डॉलर का सौदा हासिल किया.
इसके साथ ही जर्मन कंपनी सीमेंस ने ईरान के रेलवे नेटवर्क को अपग्रेड करने के लिए अनुबंध हासिल किया.
हालांकि, मई 2018 में अमरीका के इस परमाणु डील से बाहर निकलने के बाद नए आर्थिक गठजोड़ संदेह के घेरे में आ गए थे.
लेकिन नए प्रतिबंधों की घोषणा के साथ, राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ व्यापार करने वाला 'अमरीका के साथ व्यापार नहीं कर सकेगा.'
अमरीकी सरकार ने इन नए प्रतिबंधों से ईरान के तेल, शिपिंग, बैंकिंग संस्थानों, सोने और कीमती धातु निर्यात क्षेत्र को निशाने पर लिया है.
अमरीकी जुर्माने के जोख़िम की वजह से कुछ कंपनियों ने ईरान में अपनी परियोजनाओं को रोक दिया है और वहीं कुछ कंपनियां पूरी तरह से ईरान से बाहर आ गई हैं.
फ़्रांसीसी कंपनी टोटल ने घोषणा की है कि वह ईरान और चीनी कंपनी सीएनपीसी दोनों के साथ किए गए अरब डॉलर के सौदे से बाहर हो जाएगी.
इस साझेदारी के तहत एक विशाल प्राकृतिक गैस क्षेत्र को विकसित किया जाना था.
शिपिंग कंपनी मेर्स्क ने घोषणा की कि वह किसी भी नए अनुबंध पर हस्ताक्षर नहीं करेगी.
रेनॉल्ट ईरान में एक नया संयंत्र बनाने के लिए तैयार हो गया था.
लेकिन नए प्रतिबंधों के बाद कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों ने विश्लेषकों से कहा है, "हम अमरीकी प्रतिबंधों का पूरी तरह से पालन करते हैं और इस बात की संभावना है कि हमारा आगे का काम रोक दिया जाए."
जनरल इलेक्ट्रिक (जीई) और इसकी सहायक कंपनी बेकर ह्यूजेस ने ईरानी कंपनियों को तेल और गैस व्यापार से जुड़े बुनियादी ढांचे के उत्पादों को उपलब्ध कराने की डील की है.
लेकिन उन्होंने भी कहा कि वे अमरीकी क़ानून का पालन करते हुए अपना संचालन बंद कर देंगे.
बोइंग बीए ने दो ईरानी एयरलाइंस के साथ विमानों की बिक्री के लिए अनुबंध किया था.
लेकिन प्रतिबंधों के बाद बोइंग ने कहा है कि प्रतिबंधों के सामने आने के बाद वह ईरान को विमान नहीं देगा.
भारत की ऑयल रिफ़ाइनिंग कंपनी रिलायंस ने ईरान से कच्चा तेल लेना बंद कर दिया है.
वहीं, सीमेंस ने कहा है कि अब यह ईरान से आने वाले नए ऑर्डर्स को स्वीकार नहीं करेगा.
यूरोपीय संघ एक ऐसा तंत्र बनाने की कोशिश कर रहा है जिसकी मदद से अमरीकी क़ानून का उल्लंघन किए बिना ईरान के साथ व्यापार किया जा सके. इससे तेल और दूसरे तमाम व्यापारिक समझौते बच सकते हैं.
यूरोपीय संघ की विदेश नीति विभाग की प्रमुख फेडेरिया मोगेरिनी ने संयुक्त राष्ट्र संघ में ईरान परमाणु डील के पांच दूसरे सदस्य देशों के साथ मिलकर अपनी इस योजना के बारे में बताया है.
एक बयान में कहा गया है कि वे "ईरान के साथ वैध व्यापार करने के लिए अपने आर्थिक ऑपरेटरों की आज़ादी की रक्षा" करने के लिए दृढ़ हैं.
इसके साथ ही एक "अवरोध क़ानून" यूरोपीय संघ में स्थित कंपनियों को अमेरिकी प्रतिबंधों की वजह से होने वाली क्षतिपूर्ति को हासिल करने में सक्षम बनाता है.
लेकिन यूरोपीय सरकारों के सामने अपनी कंपनियों को ईरान में व्यवसाय करने के लिए तैयार करना भी एक चुनौती जैसा है.
बर्मिंघम विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय राजनीति के प्रोफेसर स्कॉट लुकास कहते हैं कि इन प्रतिबंधों को कुछ इस तरह लिखा गया है कि अगर कोई भी कंपनी ईरान के साथ व्यापार करती है और वह अमरीका से किसी भी तरह जुड़ी हुई है, तो उसे आर्थिक दंड का सामना करना पड़ेगा.
वो कहते हैं कि अमरीकी प्रभुत्व वाली आर्थिक दुनिया में ये प्रतिबंध कई कंपनियों के लिए जोख़िम पैदा करते हैं.
हालांकि, ऐसे संकेत भी मिल रहे हैं कि कुछ कंपनियां कुछ समय के लिए ईरान के साथ अपने व्यापारिक करारों को जारी रखेंगीं.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़, चीन अमरीकी दबाव के बावजूद ईरानी तेल को आयात करना जारी रख सकता है.
प्रोफेसर लुकास कहते हैं, "ईरान के लिए चीन में कार्यरत और पश्चिमी वित्तीय प्रणाली के बाहर काम करने वाली कंपनियों के साथ व्यापार करना आसान होगा क्योंकि वह डॉलर के अलावा दूसरी मुद्रा में लेनदेन कर सकते हैं. लेकिन चीनी युआन या रूसी रूबल जैसी मुद्राओं को डॉलर की तुलना में स्थानांतरित करना बहुत मुश्किल है.

Tuesday, September 11, 2018

环保人士不满欧盟改变生物燃料计算方式

据《路透社》报道,由于担心能源作物对环境产生负面影响, 环保人士对欧盟一项改变生物燃料环保效应计算方式的提议表示不满。

据一欧洲理事会文件显示,会员国正考虑把欧洲生物燃料重新进行分类,以给它们能够达到的温室气体节省量提供新价值评估。例如,甜菜乙醇将被描述为具有52%的温室气体节省率, 比欧洲委员会初步计算的35%有所上升。

由于担心生物燃料对世界粮食价格带来负面影响,欧洲议会最近提议取缔生物燃料的使用。

环保人士说,由谷物和油籽制成的生物燃料造成食品价格上涨,并迫使自给农民把农业用地扩大为雨林和湿地。
总部位于美国华盛顿的世界观察研究所在一研究报告中指出,在全球经济停滞不前与气候变化的负面影响愈演愈烈的情形下,把重点放在"绿色经济"以创造新的就业机会比以往任何时候都重要。

来自该研究所的研究员迈克尔伦纳说:"是到了援助环境产业的时候了。环境产业不仅创造就业机会,涵盖全球范围,并且能够帮助重建那些在当前经济危机倒下化为灰烬的社区。" 迈克尔与康奈尔大学全球劳动研究院合力筹备完成"绿色就业:为人与环境工作"的报告"。

该报告说,在减慢全球气候变暖上做出的努力使就业和投资的模式不断变化,这可以在许多行业创造新的就业机会,而不仅在可再生能源部门。"绿色就业" 对建筑物,运输系统,农业和基础产业的重新设计对减少人类的碳足迹业将产生重要作用。

然而, 该报告补充说,绿色投资主要在少数发达国家,而世界上80%的劳动力生活在发展中国家。除了其他诸多困难外,是不可能有足够多的绿色就业机会来抗击全球6%的失业率,或以帮助4.87亿生活在一天一美元极端贫困线以下的工人。

(该报告节选自一份由联合国环境规划署和三个国际劳工团体委托的长篇深度研究报告--绿色就业:在可持续,低碳世界中向体面劳动迈近。)
据《路透社》报道,自联合国1999年批准象牙贸易以低于预期价格成交后,野生动物专家对价格下跌是否会减少偷猎行为发表了不同意见。在首批的四次公开拍卖中,纳米比亚政府出售了7.2吨库存象牙,售价120万美元。

由于纳米比亚提供的象牙质量相对较低,因而成交价格远低于多数专家的预期。中国和日本买家以每公斤164美元的平均价格买入。
《濒危野生动植物物种国际贸易公约》的秘书长威廉⋄温思泰克斯表示,象牙价格走低将会降低象牙雕刻者和偷猎者从事该贸易的动力。该机构对象牙出售过程进行监督,以促进动物保护。

然而,包括国际爱护动物基金会和环境调查局在内的多家环境组织称,象牙拍卖将会鼓励偷猎行为。国际野生动物保护基金会预测亚洲黑市的象牙价格为每公斤880美元。

近年来,由于偷猎行为,环境污染,气候变化以及栖息地被开发,世界上最大的哺乳动物--大象在非洲的很多地区数量急剧下降。自联合国在1989年颁布的全球象牙出口禁令免除后,博兹瓦纳、津巴布韦和南非仍将在未来两周举行类似拍卖,预计拍卖总量将达到100吨象牙。

Friday, September 7, 2018

तनाव से छुटकारा दिलाने के लिए जापान में फॉरेस्ट थेरेपी

तनाव आज दुनिया भर के लिए एक बड़ा मसला है. डॉक्टरों के मुताबिक़ तनाव ही तमाम बीमारियों की जड़ है. इससे जितना दूर रहा जाए उतना अच्छा.
लेकिन, नए दौर के रहन-सहन ने हम सभी को तनाव का ग़ुलाम बना दिया है. तनाव मुक्त रहने के लिए लोग तरह-तरह की दवाएं खाने लगे हैं. कोई मेडिटेशन कर रहा है तो कोई योग. लेकिन, जापान के लोग तनाव मुक्त होने के लिए क़ुदरत की शरण में जा रहे हैं.
यहां लोगों को तनाव से मुक्ति दिलाने के लिए जंगलों में फ़ॉरेस्ट थेरेपी दी जा रही है.
फॉरेस्ट गाइड और थेरेपिस्ट तस्योशी मसुज़ावा का कहना है कि जापान की राजधानी टोक्यो में तनाव से दूर रहने और प्रकृति के नज़दीक आने का मंत्र और ख़ज़ाना दोनों हैं.
टोक्यो क़ुदरती ख़ूबसूरती से लबरेज़ है. यहां के जंगलों में हर बीमारी का इलाज मौजूद है. यहां कई तरह की जड़ी-बूटियां मिल जाती हैं. इनका स्वाद भले ही कड़वा हो, लेकिन ये बीमारी को जड़ से ख़त्म करने की ताक़त रखती हैं. इन जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल कई तरह की दवाएं बनाने में भी होता है.
टोक्यो के इन जंगलों में तनाव मुक्त होने के लिए लगभग पूरे जापान से लोग आते हैं. इनमें बड़ी तादाद ऑफ़िस कर्मचारियों की होती है.
पूरे जापान के जंगलों में करीब 62 थेरेपी सोसाइटी हैं, जो यहां लोगों की मदद करती हैं. इस थेरेपी के तहत लोग खुली हवा में गहरी सांस लेते हैं, मेडिटेशन करते हैं.
तस्योशी मसुज़ावा कहते हैं अगर सुबह सवेरे उठकर सिर्फ़ परिंदों की चहचहाहट सुनी जाए तो वो भी एक थेरेपी की तरह ही काम करती है.
सुबह के वक़्त पेड़ों पर जब परिंदे शोर मचाते हैं, तो लगता है कि वो आपस में बातें कर रहे हैं. इनकी ये बातें इंसानों का दिल बहलाती हैं और तनाव दूर करती हैं. ख़ुद को तंदुरुस्त रखने का जापानियों का ये तरीक़ा दुनिया भर में सुर्खियां बटोर रहा है.डिकल साइंस में रिसर्च करने वालों के लिए भी ये जंगल आकर्षण का केंद्र बन चुके हैं. उनका भी कहना है कि इन जंगलों में तनाव कम करने और ब्लड प्रेशर नियंत्रण की दवा मौजूद है.
फॉरेस्ट्री एंड फ़ॉरेस्ट प्रोडक्ट रिसर्च इंस्टिट्यूट के प्रोफ़ेसर ताकाहिदे अकागावा का कहना है कि इन जंगलों की आबो-हवा में तनाव पैदा करने वाले हार्मोन को नियंत्रित करने की ताक़त है.
साथ ही यहां की जाने वाली थेरेपी एंटी एजिंग है. यानी फ़ॉरेस्ट थेरेपी से आपकी उम्र भी लंबी होगी.
देश की सर्वोच्च अदालत ने गुरुवार को समलैंगिकता को अपराध की श्रेणी से हटा दिया है. इसके अनुसार आपसी सहमति से दो वयस्कों के बीच बनाए गए समलैंगिक संबंधों को अब अपराध नहीं माना जाएगा.
सुप्रीम कोर्ट के चीफ़ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस रोहिंटन नरीमन, एएम खानविल्कर, डी वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस इंदु मल्होत्रा की संवैधानिक पीठ ने इस मसले पर सुनवाई की.
धारा 377 को पहली बार कोर्ट में 1994 में चुनौती दी गई थी. 24 साल और कई अपीलों के बाद सुप्रीम कोर्ट के पांच न्यायाधीशों की खंडपीठ ने अंतिम फ़ैसला दिया है.
ग्रुप में सारी पावर एडमिन के पास होती है, इसलिए ज़िम्मेदारी भी उसी की ज़्यादा होती है.
ग्रुप के दूसरे सदस्यों के लिए एडमिन को कुछ नियम तय कर देने चाहिए. लेकिन एक बात याद रहे, अगर आपके पापा अब भी आपके फोन का बिल भरते हैं तो वो इन नियमों को नहीं मानने वाले. गर दो लोग आपस की बात ग्रुप में करेंगे तो ग्रुप के दूसरे लोग परेशान हो जाएंगे.
इसलिए ग्रुप पर वही पोस्ट करें जिसमें दूसरों की भी दिलचस्पी हो और सब लोग एन्जॉय करें.
अगर आपको ग्रुप के किसी व्यक्ति से सीधे बात करनी है तो उसे प्राइवेट मैसेज कर सकते हैं. क्योंकि किसी को ये जानने में दिलचस्पी नहीं होगी की आप जैक के साथ कितने बजे फिल्म देखने जा रहे हैं.
सेंड बटन दबाने से पहले अच्छे से देख लें कि मैसेज किस ग्रुप में भेज रहे हैं, क्योंकि मैसेज ग़लत ग्रुप में पहुंचने से आपको शर्मिंदा होना पड़ सकता है.
हो सकता है आपको ग्रुप ही छोड़ना पड़े या ग्रुप में रहते हुए कई लोगों को नज़रअंदाज़ करना पड़े.